Friday, 27 May 2011

आपकी जेब के ये है बड़े दुश्मन





आये दिन बढ़ती महगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ कर रख दी है...और अब वह परेशान से नजर आ रहा है...आखिर कार कहे तो वह किस से क्यों कि कोई भी सुनने वाला नहीं है.... लेकिन अब तो इस सरकार से लोगो की खुशी देखी ही नही गयी जिसके लिये सरकार ने महंगाई डायन के साथ एक ओर डायन खडी कर दी है कि अब इन गर्मियो की छुट्टी में कोई जाये तो देखे... क्योंकि सरकार ने अब पेट्रोल के दाम बड़ा दिये है ... और लोगो को खड़ा कर दिया है एक एसी नाव पर कि वह कहा जाये क्योंकि उसे हर जगह मौत हा मौत नजर आती है....और ब तो हर आदमी यही कहने लगा है कि आमिर खान को एक नहीं ऐसी कई फिल्म बनाना चाहिए ताकि इस सरकार की जल्द से जल्द आंखे खुल जाये... आइये अब आप को ये बता दे कि अब आपकी जेब से और क्या कुछ जाने वाला है....
दूध------ ये वो चीज है जिसको लेकर हर घर की सुबह आवाजों सो होती है लेकिन न मिलने पर आवाजो ओर भी तेज हो जाती है जी हां यहां हम दूध की ही बाकत कर रहे है.... जो बड़े से लेकर बच्चो को हर रोज सुबह चाहिये है....लेकिन अगर आपके हर माह के घर के राशन के बराबर यदि दूध आये तो क्या होगा.... इस बात को सुनकर तो यही लगता है कि ये महगाई डायन मारे जात है...क्योंकि इस के बिना कोई रह ही नही सकता है...यदि हम 2009 की बात करे तो फुल क्रीम दूध की कीमत 28 रूपये प्रति लीटर थी...वही आज इस दूध को खरीदना के लिये 36 रूपये तक पेय करने पढ़ रहे है... जो हर आम आदमी की बस का नहीं है यदि एक आम आदमी की बात करे तो वो 36 रूपये का दूध लेकर ही आपना पूरा दिन बिता देगा क्योकि अब वह टूट चुका है........और वही ये दाम अभी और भी बढ़ सकते है....
सब्जी---- ये तो सिर्फ दूध की प्यास थी अब आपको ये भी बता दे कि ये सरकार अब तो दो वक्त मिलने वाली रोटी पर भी अपनी नजरे गढ़ाये है....क्योकि उससे आम आदिमी की खुशी अच्छी नही लगती है.....हम उसे तो सिर्फ जनता को परेशान करना आता है और वो तो खानो की थाली में परसी जाने वाली सब्बजी को भी कम करना चाहता है... क्योकि उसे जनता की थाली में ज्यादा सब्जी अच्छी नही लगती है...तो अब दूध के साथ लोगो को अपने खाने से भी तो बा करनी पड़ सकती है.....क्योंकि जल्द ही सब्जियों के दाम भी बढ़ने वाले है....

गैस--- सबके दाम बढ़े और सरकार इसे भूल जाये तो होई नही सकता है... जी हगं घरो में जलने वाला चूल्हा भी अब आमदमी की परेशानी बनने जा रहा है...इस के लिय़े तो आमिर खान के प्रोडक्शन में बनी उस फिम का नाम ही हमे याद आता है कि अब दूसरी पीपीली लाइव कब बनेगी...क्यो कि अब हर आम आदमी टूट चुका है....

डीजल---एक दम से दूसरा कदम रखना आज कल लोगो को मंहगा पड़ने वाला है सरकार ने पहले ही कमर तोड़ कर रख दी है..और अब वो लोगो को और टूटता देखना चाहती है... ताकि वो और परेशान हो जाये...खुद कहने लेगे कि अब तो भगवान ही है ये सरपकार जो हमे बचा सकती है.... .

फीस------ देश में महंगाई बढ़े और उसका असर बच्चो की फीस पर न पढे एसा तो होई नही सकता है हम बात स्कूल फीस से लेकर ट्यूश्न फीस तक की कर रेह जिसे लेकर हर मा बाप परेश्न रहते है... जो हर बार मंगाई के बढ़ते ही 10% अपनी ही आप बढ जाती है... और माता पिता पर एक और बोझा बढ़ जाता है...

राहुल तुमने ये क्या किया



कांग्रेस के महासचिव और मिशन यूपी का सपना सजोये कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी आज कल काफी दौरे करने में जुटे है और रहुल का ये दौरा कहीं ओर से नहीं बल्कि यूपी के अति पिछड़े बुन्देलखण्ड में है जिसका राहुल गाँधी काफी ध्यान रख रहे है...लेकिन हवाई दौरो ने सब कुछ चौपट कर दिया ... राहुल गांधी को इस समय उन किसानो की याद सता रही है जो बुन्देलखण्ड के सूखे से पीड़ित है ... जिनको राहुल बहलाने के लिये आये थे लेकिन खुद ही बहल गये .... क्योंकि हवाई यात्रा से राहुल को राजनीति के दाव पेंच तो आ गये लेकिन ये नही आया कि उत्तर प्रदेश के बांदा से दिल्ली और लखनऊ की दूरी कितनी है... उन्हें दिल्ली की दूरी बांदा से 200 किमी लगती है तो लखनऊ उन्हे 400 किमी लगता है.... अरे राहुल जी चुनावी मसालों में इतना न भूल जाइयेगा कि आप को दिल्ली और लखनऊ की दूरी ही याद न रहे ... तो फिर चुनाव के बाद जनता क्या याद रहेगी....

Friday, 20 May 2011

ये पब्लिक है सब जानती है....



हमारे देश की राजनीति जब जब करवट बदलती है तब समझो कि अब कोई न कोई नया गेम शो शुरू होने वाला है.. और ये गेम शो चुनावी दौर के वक्त ही शुरू होता है... लेकिन जब चुनाव देश की राजनीति तय करने वाले प्रदेश में होतो तो बात ही कुछ ओर है..जी हां देश के कुछ राज्यों में 2012 में विधान सभा चुनाव होने है..उनमें से एक सरकारी आंकड़ो का उत्तम प्रदेश भी है जी हां उत्तर प्रदेश... जिससे पूरे देश की सत्ता तय होती है कि किस पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलने वाला है..लेकिन इस प्रदेश पर हर पार्टी अपना कब्जा करना चाहती है...चाहे वह राष्ट्रीय पार्टी हो या फिर राज्य स्तरी पार्टी ही क्यों न हो..सभी अपनी अपनी ताकते आजमाने में लगे है.. क्योंकि हर कोई उत्तम प्रदेश का सिरमोर पहनना चाहता है.. जिसके लिये उन्होने उत्तर प्रदेश के अति पिछड़ी जगह बुंदेलखण्ड को चुना जो हर किसी पार्टी के लिये मील का पत्थर साबित हो सकता है... जिसको कांग्रेस के युवराज ने मील का पत्थर मानकर अपनी यात्रा दुबारा यहीं से शुरु की और एक बार फिर इन बेबस और मजबूर किसानों कि दुखती रगों पर रोटियां सेकने की तैयारी में हर पार्टी इस बार बुन्देलखण्ड को ही अपना निशाना बना रही है .. ये वहीं बुन्देलखण्ड है जो कभी सूखे की मार झेलता है तो कभी ज्यादा बारिश की फिर भी यहां के किसानो की हालत इन राजनेताओं के गले नहीं उतर रही है..जिसके लिये एक तरफ राहुल अपना मिशन यूपी का सपना सजोये बुन्देलखण्ड के हर गांव के दौरे पर निकल आये है वहीं बीएसपी सुप्रीमो के दौरों के बाद अब उनका कैबिनेट मंत्रियों के दौरे बुन्देलखण्ड की जनता को दिखने लगे है... वहीं कांग्रेस युवराज राहुल गांधी के बार बार कहने पर पीएम मनमोहन सिंह ने भी बुन्देलखण्ड के दौरे पर जाना उचित समझा.. और दोनो ने इस की शुरुवात उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से की ... पहले तो दोनो ने बुन्देलखण्ड के किसानो का दुख दर्द सुना और फिर एक के बाद एक घोषणा शुरु कर दी ताकि जनता को ये लगे की उनके हित में कांग्रेस कितना सोच रही है.. लेकिन कांग्रेस ने वहां भी एक तीर से दो शिकार करना उचित समझा... और जनता को ये लगा कि ये लोग मद्द करने के लिये आये है लेकिन वहां तो कुछ ओर ही तीर चल रहे थे ... बुन्देलखण्ड के विकास के लिये प्रधानमंत्री ने जहां बुन्देलखण्ड को 200 करोड़ का बजट दिया वहीं माया मेम पर भी निशाना साधने से पीछे नहीं हटे...और ये भी कह दिया की यूपी सरकार इस बजट को लोगो तक नहीं पहुंचने देती है और वह उपर ही उपर हजम हो जाता है..लेकिन पीएम के बाद राहुल भई कैसे चुप रह पाते और राहुल ने भी माया सरकार को कठ घरे में लाकर खड़ा कर दिया... ताकि सब को ये लगे की हम जनता के बहुत हितेशी है... वहीं एक तरफ राहुल के तीर चले और माया मेम चुपचाप देखती रहे एसा तो होई नही सकता था... माया सरकार के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर ने राहुल के चलाये गये एक एक तीर का करारा जबैब दिया ओर कह डाला कि माया सरकार ने कभी भी बुन्देलखण्ड के किसानो कुछ गलत नही सोचा है माया सरकार ने तो इसे के लिये अलग से एक प्रधिकरण भी बनाया है ताकि बुन्देलखण्ड का विकास हो पाये वहीं किसानो की सरकार हर सम्भ मद्द करती है इसके लिये हर बार कोई न कोई घोषणा भी करती है...ताकि बुन्देलखण्ड के किसान को हर सम्भव मद्द मिल सके और शाशंक शेखर भी इन आरोपो को कैसे सुनलेते तो बीएसपी ने भई एक तीर से दो शिकार खेले और कांग्रेस के युवराज से पूछ ही डाला कि उनके पिता ने 1987 में बुन्देलखण्ड में एक गिलास फैक्ट्री का शिलान्यास किया था वो अब तक तो दिखाई नही दी है तो फिर कौन चोर है... लेकिन राजनेता चाहे जितनी रोटी सेक लें लेकिन इस बार जनता सब जान चुकी है कि हमारा कौन है और पराया कौन है... इस लिये कहते है कि ये जनता सब जानती है....