देश का 80वां आम बजट जिसपर लगी थी देश की आंख...लेकिन इसकी परवाह शायद हमारे सांसदों को नहीं है। जी हां....ये हम नहीं कह रहे संसद में बजट के दौरान सांसद ही अपनी कहानी अपनी जुवानी बयां कर रहे हैं। देश के वित्त मंत्री एक ओर बजट पेश कर रहे थे तो वहीं दूसरी ओर देश के माननीय सांसद संसद के लोकसभा हॉल में खर्राटें मार रहे थे....
तो देखा आपने अपने देश के सांसदों को.....ये बजट के दौरान किस तरह से नींद ले रहे थे। अब हम आपको बताते हैं कि इस लिस्ट में कौन कौन से सांसद हैं जो संसद हाल में नींद का मजा ले रहे थे। शुरुआत करते हैं देश के कानून मंत्री जी के अंदाज से....देश के कानून मंत्री वीरप्पा मोयली जिनपर देश की कानून व्यवस्था का भार है देखिये ये किस तरह से आम बजट का आनंद उठा रहे है.... वहीं विवादों से चोली दामन का साथ निभा रहे कांग्रेस के सांसद वीरभद्र सिंह भी पीछे नहीं रहे..... उन्होंने सारे रिकोर्डो को ताक पर रख दिया....इन मंत्रियों ने नींद ली तो केंद्रीय शहरी विकास मंत्री भी कैसे पीछे रह जाते... शहरी विकास मंत्री कमलानाथ भी भरपूर नींद का मजा लेने से नहीं चूके.....चलिए आपको एक ओर मंत्री साहब से मिलवाते हैं जिन पर तो देश की शिक्षा व्यवस्था कार्य का भार है... जी हां हम बात कर रहे हैं... कपिल सिब्बल की .. जो आम बजट से तो समझौता कर सकते है.. लेकिन अपनी नींद से नहीं...
Monday, 28 February 2011
Sunday, 27 February 2011
ममता दीदी के सुगर फ्री रस गुल्ले तो आपने चख लियो तो होगे... लेकिन किस को क्या मिला ये तो इन सुगर फ्री रस गुल्लो के दुकान दारो को मालूम होगा...लेकिन कल तो दादा प्रणब का पिटारा आना है क्या ये भी क्या सुगर फ्री होगा....या फिर काले सांपो से भरा होगा.....दादा के पिटारे पर तो आम आदमी से लेकर उद्योगपतियो की नगाहें टिकी है कि दादा का ये पिटारा कब खुलेगा ओर कब इससे निकलने वाला जिन्न कौन से रूप में आयेगा...
ममता दीदी के सुगर फ्री रस गुल्ले तो आपने चख लियो तो होगे... लेकिन किस को क्या मिला ये तो इन सुगर फ्री रस गुल्लो के दुकान दारो को मालूम होगा...लेकिन कल तो दादा प्रणब का पिटारा आना है क्या ये भी क्या सुगर फ्री होगा....या फिर काले सांपो से भरा होगा.....दादा के पिटारे पर तो आम आदमी से लेकर उद्योगपतियो की नगाहें टिकी है कि दादा का ये पिटारा कब खुलेगा ओर कब इससे निकलने वाला जिन्न कौन से रूप में आयेगा...
ममता दीदी के सुगर फ्री रस गुल्ले तो आपने चख लियो तो होगे... लेकिन किस को क्या मिला ये तो इन सुगर फ्री रस गुल्लो के दुकान दारो को मालूम होगा...लेकिन कल तो दादा प्रणब का पिटारा आना है क्या ये भी क्या सुगर फ्री होगा....या फिर काले सांपो से भरा होगा.....दादा के पिटारे पर तो आम आदमी से लेकर उद्योगपतियो की नगाहें टिकी है कि दादा का ये पिटारा कब खुलेगा ओर कब इससे निकलने वाला जिन्न कौन से रूप में आयेगा...
Tuesday, 15 February 2011
सरकार बनायेगी जेपीसी !

21 फरवरी से शुरू होने वाले संसद के बजट सत्र को लेकर राजनीतिक गलियारो में काफी हलचल है...ये इस बात का संकेत है कि आने वाला बजट सत्र काफी हंगामेदार होने वाला है....एक ओर विपक्ष 2-जी स्पेक्ट्रम मामले में जेपीसी की मांग पर अड़ा है तो दूसरी ओर सरकार विपक्ष को मनाने में पूरी तरह विफल रही है....ऐसे में ये सवाल लाजिमी है कि क्या संसद का बजट सत्र सुचारू रूप से चल पाएगा या फिर संसद के शीतकालीन सत्र की तरह जेपीसी के गतिरोध की भेंट चढ़ जाएगा..... जाहिर है घोटालों और महाघोटालों से घिरी सरकार के पास विपक्ष की मांग का कोई जवाब नहीं....मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में जेपीसी पर किसी भी तरह की कोई चर्चा नही हुई है.... लेकिन इस बैठक में कोई भी ऐसा नतीजा नही निकल पाया जिससे रूठे विपक्ष को मनाया जा सके.... हालांकि सूत्रो की खबर है कि बजट सत्र से पहले सरकार टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले पर जेपीसी जांच का ऐलान कर देगी..... और जेपीसी जांच का नियंत्रन अपने पास ही रखेगी.... उधर विपक्ष ने भी सरकार से साफ कर दिया है कि जबतक जेपीसी का गठन नही हो जाता सरकार का विरोध जारी रहेगा.... जाहिर है फिलहाल सभी कार्ड विपक्ष के पास है....और सरकार के पास ऐसा कुछ नही जिसे दिखाकर वो पिपक्ष को मनाए.... बहरहाल अब तो ये आने वाला समय ही बताएगा की विपक्ष को खुश करने के लिए सरकार जेपीसी का गठन करती है या फिर शीत कालीन सत्र की तरह बजट सत्र को भी विपक्ष को भेंट चढ़ा देती है…..
Saturday, 12 February 2011
‘गाय हमारी माता नहीं’
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी अपने बयानों को लेकर विवादों में फंसते रहे हैं....ताजा मामले में उन्होंने इस बात से मना कर कि गाय हमारी माता है... नए विवाद में फंस गए हैं। ये कैसे राजनेता हैं... जो भूल गये है हमारी संस्कृति.... ये कोई और नहीं है ये साहब हैं बीजेपी के आला नेता...... जिन्होंने कहा है कि गाय हमारी माता नहीं है... ये हैं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गड़करी ... जो हमेशा अपने बयानों के कारण विवादों में फंसते रहे हैं.....लेकिन लगता है अध्यक्ष पद के भार तले दबे नितिन गड़करी आजकल अपनी संस्कृति ही भूलते जा रहे है...उन्होने तो वेदों को भी चुनोती दे दी है... जिसने गाय में 84 करोड़ देवी देवताओं का वास बताया है.....क्या आप भूल रहे हैं कि यदि ये बात आप की ही सहयोगी विश्व हिंदू परिषद या फिर आरएसएस को पता चल गई तो फिर क्या होगा....वहीं कांग्रेस के सांसद रजीव शुक्ला भी इस बयान पर बोलने से पीछे नहीं हटे ...... अब क्या करें जब वोट बैंक की खातिर हमारे ही राजनेता अपने वेदों की बातों को झूठा बताने लगें तो फिर औरों की क्या बात की जाये....
Thursday, 10 February 2011
लगाई गुहार चली गयी नौकरी
सीएम से गुहार लगाना एक शिक्षका को मंहगा पड़ गया है... औरैया की एक शिक्षिका को अपनी ननद के लिये इंसाफ मांगना पर उसी नौकरी ही चली गयी है...वहीं प्रशासन इसे सुरक्षा घेरा तोड़ने की बात कह रहा है.... हमने क्या किया है... सिर्फ अपनी फर्याद ही तो ही सीएम साहिब को दी थी....क्या गुहार के बदले यूपी में ये मिलता है.....उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री इस समय पूरे यूपी के दौरे पर है.... और वो जनता की समस्या को देखने के लिये यूपी भ्रमण पर निकली है...तो वही उस जनता को सीएम साहिबा से दूर रखा जा रहा है... कि कही उनकी प्रशासन की पोल न खुल जाये... तो सबसे पहले उसी पोल की एक दास्तान आप के भी सुनाते है वहीं प्रीति पांडे ने बताया कि वो तो अपनी ननद पर हो रहे उसके शिक्षक पति के द्वारा अत्याचार की गुहार लागायी थी...वही मायावती अपने दौरे के चलते नोनीपुर प्राइमरी स्कूल भी पहुंची थी....जिसके चलते प्रीति पांडे ने सीएम साहिबा को आवाज लगायी थी.. लेकिन अक महिला होते हुए दूसरी महिला की आवजा को नही सुना और चली गयी थी वहीं प्रशासन के आलाधिकारी इसे सुरक्षा घेरा तोड़ने की बात कह रहे है...क्या अपनी गुहार सीएम साहिबा तक पहुचाना गलत है तो फिर इस यूपी के आला अफसरो का क्या कहना...अब इस महिला शिक्षा मित्र आसा है तो सिर्फ सीएम साहिबा से ....
माया के ये कैसे दौरे ?
उत्तर प्रदेश की राजनीति दिन प्रतिदिन तेज हो जा रही है... ये राजनीति का एक ऐसा कुंआ है जिसे देखकर अच्छे नेता भी सिर से लेकर पैर तक कांप जाते है....क्योंकि जो भी राजनीति तय होती है वो यूपी से ही तय होती है... अगर केंद्र की राजनीति की बात करें तो वो भी यूपी से ही तय होती है...वहीं नजारा इस वक्त यूपी का है... क्योंकि 2012 में विधान सभा चुनाव है....
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती भी इस तरह कप कपा रही है कि उन्हे भी यूपी के दौरे की याद आ गई..वर्ष 2009 के बाद माया को सीधे 2011 में लोगो की याद आई और ये याद कोई एसी वैसी नहीं है ये तो 2012 में होने वाले विधान सभा चुनाव की है...वहीं किसी ने सच ही कहा है कि माया तेरी अजब कहानी....ये कहानी तब सामने आयी जब मायावती ने अलीगढ़ का दौरा किया और इस दौरे में माया के सामने कई लोग आये लेकिन माया को कोई फरक नहीं पड़ा... उस बीच एक करिश्मा देखने को मिला जो आपनो सोचा ही नहीं था.....माया तक अपनी बात पहुंचाने वाली महिलाओं को जब माया से नहीं मिलने दिया गया तो एक महिला माया के काफिले के सामने लेट गयी... लेकिन उसके दुख दर्द ने भी माया का दिल नहीं पिघला पाया और माया ने उससे बिना मिले ही वहां से चल उचित समझा.... लेकिन उसने फिर भी हार नहीं मानी और माया के काफिले के साथ उस जगह तक पहुंच गयी जहां पर माया का अगला कार्यक्रम था....लेकिन प्रशासन की पोल न खुल जाये इस लिये उसे माया से मिलने नहीं दिया गया.. ये सुनीता वो ही महिला है जिसने माया सरकार में सिचाई मंत्री जयवीर सिंह पर ये आरोप लागाया है कि उसके पिता को मंत्री के कहने पर ही मारा गया है ... सुनीता के पिता सिचाई विभाग में इंजीनियर थे ..... वहीं जब माया ने इटावा का दौरा किया तब भी माया को किसी की चिंता नहीं थी... और लोगो से मिलने की जगह माया को तो सिर्फ अपने कार्यक्रम की चिंता सताये जा रही थी....माया के दौरे ने तो जैसे पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया था.... जिसके चलते स्कूल के बच्चो को रविवार के दिन भी स्कूल में हाजरी लगनी पढ़ी... और जब पत्रकारों ने उनसे पूछा की तुम से मिलने कौन आया था तो उन्हे नाम तो मालूम था.. लेकिन उनकी पोस्ट मालूम नहीं थी.....ये तो छोटे – छोटे बच्चे थे.... वहीं इनको पढ़ाने वाले शिक्षकों को तो उनके विभाग के मंत्री तक का नाम ही नही मालूम था.... तो क्या इसे आनन फनन की पढ़ाई कह जाये या फिर उसे माया का ढ़र के नाम से पुकारा जाये ये तो सोचना बहुत जरुरी है.....
सुश्री मायावती के दौरो का ये सिलसिला तो चलता रहा लेकिन आज औरैया में तो कुछ अलग ही कर दिया बहन जी ने ... जो किया वो तो बहुत ही शर्मनाक था... अरे मेडम रुकिये तो जरा आपकी जूती गंदी है....जरा उसे साफ तो कदेने दीजिये...
यूपी के औरैया में डीएसपी रैंक के एक अफसर से मायावती ने अपनी जूती तक साफ करा ली....ये वाक्या छह फरवरी का है.. जब सीएम साहिबा औरैया दौरे पर आई थीं.... सीएम साहिबा हेलिकॉप्टर से उतरने के बाद जहां अधिकारियों से बातचीत में शरुफ थीं.... वहीं डीएसपी रैंक के एक अफसर पद्म सिंह ने उनकी जूती साफ किए जा रहे थे.....आपको ये भी बता दें कि पद्म सिंह को राष्ट्रपति पुलिस मेडल भी मिल चुका है...ये अधिकारी 1994 से मुख्यमंत्री मायावती की सुरक्षा में तैनात है.....और इसे एक साल का सेवा विस्तार भी मिल चुका है......अब इसे चाटूकारिता की हद कहें या ड्यूटी......ये तो माया जी या फिर पद्म सिंह ही जान सकते है.....लेकिन इन सारे दौरों पर जो कुछ हुआ... उनमें से ये वाक्या बहुत गलत हुआ है... कि पुलिस विभाग के आलाधिकारी मुख्यमंत्री की जूती साफ करे....वहीं इस मामले में विपक्ष ने भी जमकर तीर छोड़ने में कोई कोतोहल नही बरता ... ये घटना केवल औरैया की नहीं बल्कि ऐसा मामला अलीगढ़ में भी देखने को मिला है जिसमें अलीगढ़ के एसडीएम मायावती के पैर छूत हुए दिखे है....वहीं औरैया और अलीगढ़ की इस घटना को वरिष्ठ बीजेपी नेता राजनाथ सिंह ने ने शर्मनाक बताया है....उन्होंने कहा कि मायावती तानाशाह कर रही है...उन्होंने ये भी कहा कि मुख्यमंत्री ने अफसरों को चाटूकारिता करने के लिए मजबूर कर दिया है.....समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तो ये तक कह दिया है कि माया ने जो कुछ अधिकारियोम से कराया वह अब उन लोगो को कर ना होगा जिन्हे बीएसपी विधान सभा चुनाव का टिकिट चाहिये है... वहीं कैबिनेट सचिव शशांक शेखर ने जिस तरह से इस पूरे मामले में सफाई दी वो तो देखने काबिल थी... उन्होने कहा कि ये काम पद्म सिंह जी ने माया की जान के खतरे को देखते हुए किया है....लेकिन विपक्ष तो इस माया की तानाशाही के नाम से पुकारने में जुटा है... आखिर कार माया के इन दौरा का जनाता पर कैसा असर पड़ा होगा ये तो माया और माया की प्रजा यानि यूपी की जनता जानती होगी....लेकिन ऐसा काम क्या माय को शोभा दिया होगा...
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती भी इस तरह कप कपा रही है कि उन्हे भी यूपी के दौरे की याद आ गई..वर्ष 2009 के बाद माया को सीधे 2011 में लोगो की याद आई और ये याद कोई एसी वैसी नहीं है ये तो 2012 में होने वाले विधान सभा चुनाव की है...वहीं किसी ने सच ही कहा है कि माया तेरी अजब कहानी....ये कहानी तब सामने आयी जब मायावती ने अलीगढ़ का दौरा किया और इस दौरे में माया के सामने कई लोग आये लेकिन माया को कोई फरक नहीं पड़ा... उस बीच एक करिश्मा देखने को मिला जो आपनो सोचा ही नहीं था.....माया तक अपनी बात पहुंचाने वाली महिलाओं को जब माया से नहीं मिलने दिया गया तो एक महिला माया के काफिले के सामने लेट गयी... लेकिन उसके दुख दर्द ने भी माया का दिल नहीं पिघला पाया और माया ने उससे बिना मिले ही वहां से चल उचित समझा.... लेकिन उसने फिर भी हार नहीं मानी और माया के काफिले के साथ उस जगह तक पहुंच गयी जहां पर माया का अगला कार्यक्रम था....लेकिन प्रशासन की पोल न खुल जाये इस लिये उसे माया से मिलने नहीं दिया गया.. ये सुनीता वो ही महिला है जिसने माया सरकार में सिचाई मंत्री जयवीर सिंह पर ये आरोप लागाया है कि उसके पिता को मंत्री के कहने पर ही मारा गया है ... सुनीता के पिता सिचाई विभाग में इंजीनियर थे ..... वहीं जब माया ने इटावा का दौरा किया तब भी माया को किसी की चिंता नहीं थी... और लोगो से मिलने की जगह माया को तो सिर्फ अपने कार्यक्रम की चिंता सताये जा रही थी....माया के दौरे ने तो जैसे पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया था.... जिसके चलते स्कूल के बच्चो को रविवार के दिन भी स्कूल में हाजरी लगनी पढ़ी... और जब पत्रकारों ने उनसे पूछा की तुम से मिलने कौन आया था तो उन्हे नाम तो मालूम था.. लेकिन उनकी पोस्ट मालूम नहीं थी.....ये तो छोटे – छोटे बच्चे थे.... वहीं इनको पढ़ाने वाले शिक्षकों को तो उनके विभाग के मंत्री तक का नाम ही नही मालूम था.... तो क्या इसे आनन फनन की पढ़ाई कह जाये या फिर उसे माया का ढ़र के नाम से पुकारा जाये ये तो सोचना बहुत जरुरी है.....
सुश्री मायावती के दौरो का ये सिलसिला तो चलता रहा लेकिन आज औरैया में तो कुछ अलग ही कर दिया बहन जी ने ... जो किया वो तो बहुत ही शर्मनाक था... अरे मेडम रुकिये तो जरा आपकी जूती गंदी है....जरा उसे साफ तो कदेने दीजिये...
यूपी के औरैया में डीएसपी रैंक के एक अफसर से मायावती ने अपनी जूती तक साफ करा ली....ये वाक्या छह फरवरी का है.. जब सीएम साहिबा औरैया दौरे पर आई थीं.... सीएम साहिबा हेलिकॉप्टर से उतरने के बाद जहां अधिकारियों से बातचीत में शरुफ थीं.... वहीं डीएसपी रैंक के एक अफसर पद्म सिंह ने उनकी जूती साफ किए जा रहे थे.....आपको ये भी बता दें कि पद्म सिंह को राष्ट्रपति पुलिस मेडल भी मिल चुका है...ये अधिकारी 1994 से मुख्यमंत्री मायावती की सुरक्षा में तैनात है.....और इसे एक साल का सेवा विस्तार भी मिल चुका है......अब इसे चाटूकारिता की हद कहें या ड्यूटी......ये तो माया जी या फिर पद्म सिंह ही जान सकते है.....लेकिन इन सारे दौरों पर जो कुछ हुआ... उनमें से ये वाक्या बहुत गलत हुआ है... कि पुलिस विभाग के आलाधिकारी मुख्यमंत्री की जूती साफ करे....वहीं इस मामले में विपक्ष ने भी जमकर तीर छोड़ने में कोई कोतोहल नही बरता ... ये घटना केवल औरैया की नहीं बल्कि ऐसा मामला अलीगढ़ में भी देखने को मिला है जिसमें अलीगढ़ के एसडीएम मायावती के पैर छूत हुए दिखे है....वहीं औरैया और अलीगढ़ की इस घटना को वरिष्ठ बीजेपी नेता राजनाथ सिंह ने ने शर्मनाक बताया है....उन्होंने कहा कि मायावती तानाशाह कर रही है...उन्होंने ये भी कहा कि मुख्यमंत्री ने अफसरों को चाटूकारिता करने के लिए मजबूर कर दिया है.....समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तो ये तक कह दिया है कि माया ने जो कुछ अधिकारियोम से कराया वह अब उन लोगो को कर ना होगा जिन्हे बीएसपी विधान सभा चुनाव का टिकिट चाहिये है... वहीं कैबिनेट सचिव शशांक शेखर ने जिस तरह से इस पूरे मामले में सफाई दी वो तो देखने काबिल थी... उन्होने कहा कि ये काम पद्म सिंह जी ने माया की जान के खतरे को देखते हुए किया है....लेकिन विपक्ष तो इस माया की तानाशाही के नाम से पुकारने में जुटा है... आखिर कार माया के इन दौरा का जनाता पर कैसा असर पड़ा होगा ये तो माया और माया की प्रजा यानि यूपी की जनता जानती होगी....लेकिन ऐसा काम क्या माय को शोभा दिया होगा...
बलात्कार पर बलात्कार
31 जनवरी
सुल्तानपुर में महिला के साथ गैंग रेप किया गया है.. वही पुलिस ने बलात्कार का मामला दर्ज न करके चोरी कि रिपोर्ट दर्ज की....
3 फरवरी
बाराबंकी में स्कूली छात्रा के साथ बालात्कार का मामला सामने आया और पुलिस ने इसे झूठा करार दिया है...
5 फरवरी
कानपुर के फतेहपुर में नाबिलग लड़की के साथ बलात्कार का मामला...लड़की के कांटे हाथ पैर.. पुलिस ने किया आरोपियों को गिरफ्तार.....
5फरवरी
गाजियाबाद में नाबालिग लड़की से गैंग रेप का मामला सामने आया वहीं पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है....
6 फरवरी
झांसी के मऊरानीपुर तहसील में 23 साल की लड़की साथ बलात्कार लड़की ने दी जान... पुलिस ने किया अरोपियों को गिरफ्तार...
7 फरवरी
बंदायू में भी एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार हुआ है जिसमें पुलिस ने 2 लोगो को गिरफ्तार कर लिया है....
7 फरवरी में
औरैया के कंदौसी गांव में भागवत कथा के दौरान विधायक शेखर तिवारी के मौसेरे भाई ने किया गैंग रेप...वहीं पुलिस ने मौसेरे भाई कुलदीप अवस्थी को किया गिरफ्तार......
8 फरवरी
कन्नौज में नाबालिग लड़की के साथ गैंग रेप का मामला... तीनों आरोपी गिरफ्त से बाहर....
8 फरवरी
ग्रेटर नोएडा में एक युवती के साथ बलात्कार का मामला सामने आया पुलिस ने दोनो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है....
8 फरवरी
कानपुर के उन्नाव में एक युवती के साथ बलात्कार किया गया है...और पुलिस ने वहीं आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है......
जो भी पूजा के साथ हुआ वो गलत है ऐर आये दिन हो रही बलात्कार की बारदातों से कानून व्यावस्था की पूल खोल रहा है.....
हरिश्चंद्र आर्य , विधान सभा प्रत्याशी सपा, मऊरानीपुर
यूपी में जो भी लड़कियों के साथ हो रहा है.... वो गलत है चाहे वह झांसी का मामला हो या फिर कानुर का इसको लेकर में महासंग्रम करूंगी...
स्मृति ईरानी, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष बीजेपी
सुल्तानपुर में महिला के साथ गैंग रेप किया गया है.. वही पुलिस ने बलात्कार का मामला दर्ज न करके चोरी कि रिपोर्ट दर्ज की....
3 फरवरी
बाराबंकी में स्कूली छात्रा के साथ बालात्कार का मामला सामने आया और पुलिस ने इसे झूठा करार दिया है...
5 फरवरी
कानपुर के फतेहपुर में नाबिलग लड़की के साथ बलात्कार का मामला...लड़की के कांटे हाथ पैर.. पुलिस ने किया आरोपियों को गिरफ्तार.....
5फरवरी
गाजियाबाद में नाबालिग लड़की से गैंग रेप का मामला सामने आया वहीं पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है....
6 फरवरी
झांसी के मऊरानीपुर तहसील में 23 साल की लड़की साथ बलात्कार लड़की ने दी जान... पुलिस ने किया अरोपियों को गिरफ्तार...
7 फरवरी
बंदायू में भी एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार हुआ है जिसमें पुलिस ने 2 लोगो को गिरफ्तार कर लिया है....
7 फरवरी में
औरैया के कंदौसी गांव में भागवत कथा के दौरान विधायक शेखर तिवारी के मौसेरे भाई ने किया गैंग रेप...वहीं पुलिस ने मौसेरे भाई कुलदीप अवस्थी को किया गिरफ्तार......
8 फरवरी
कन्नौज में नाबालिग लड़की के साथ गैंग रेप का मामला... तीनों आरोपी गिरफ्त से बाहर....
8 फरवरी
ग्रेटर नोएडा में एक युवती के साथ बलात्कार का मामला सामने आया पुलिस ने दोनो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है....
8 फरवरी
कानपुर के उन्नाव में एक युवती के साथ बलात्कार किया गया है...और पुलिस ने वहीं आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है......
जो भी पूजा के साथ हुआ वो गलत है ऐर आये दिन हो रही बलात्कार की बारदातों से कानून व्यावस्था की पूल खोल रहा है.....
हरिश्चंद्र आर्य , विधान सभा प्रत्याशी सपा, मऊरानीपुर
यूपी में जो भी लड़कियों के साथ हो रहा है.... वो गलत है चाहे वह झांसी का मामला हो या फिर कानुर का इसको लेकर में महासंग्रम करूंगी...
स्मृति ईरानी, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष बीजेपी
बलात्कार का राजा यूपी?
उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश है ये कहना है सरकारी आंकड़ो का... लेकिन आज ये कहना गलत है कि उत्तर प्रदेश एक उत्तम प्रदेश है ये तो एक बलात्कारी प्रदेश है.. जहां साल की शुरुवात ही बलात्कार से होती है... उत्तर प्रदेश की मुखिया चाहे इस प्रदेश को जितना भी उत्तम बना दे लेकिन ये प्रदेश बलात्कार की घटनाओँ से भरा है...
उत्तर प्रदेश में बलात्कार के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे है...इससे पहले फरवरी अंक में भी यूपी में हुए बलात्कारों की जानकारी आप को पहल ने दी थी ....और वहीं अब बांदा बलात्कार के मामले के बाद भी बलात्कारियो के होसले बढ़ने लगेहै... क्योंकि यूपी की पुलिस इसे रोकने में नाकम है... और भला नाकाम क्यों न हो... क्योंकि जिनके नाम आते है कहीं नकही उनके तार यबपी सरकार के दिग्गज नेताओं से जुड़े होते है...बांदा के बाद अब झांसी , फतेहपुर , रायबरेली, गाजियाबाद और औरैया का नाम सामने आया है...वहीं बांदा में भी एक और नाया मामला देखने को मिला है....बांदा में शीलू मामले से सबक न लेने के बाद एक बार फिर माया की मुसीबतों को बढ़ने का काम किया है बांदा से बीएसपी नेता भैरो प्रसाद मिश्रा ने जिन पर गीता (काल्पनिक नाम) ने ये आरोप लगया है कि उसको मिश्रा जी के कहने पर पुलिस ने एक बच्चे के अपहरण में जेल भेजा गया था...जिसके बाद गांव के कुछ दबंगो ने चौकी प्रभारी के सामने उसके साथ यौन शोषण भी किया.. जिसके चलते बीएसपी नेता ने उन लोगो सजा दिलान जगह उन्हें बचाने का काम किया था...वहीं अब बांदा जहां बीएसपी मुखिया की गले की फंस बना हुआ है तो वहीं अब यूपी के झांसी में भी एक 23 साल की लड़की के साथ बलात्कार का मामला सामाने आया है.....झांसी के मऊरानीपुर तहसील के टकटौली गंव में एक 23 साल की लड़की पूजा (काल्पनिक नाम) के साथ उसी के गांव रहने वाले कैलाश अहिरवार ने उसके साथ बलात्कार किया है.. यह बात जब पूजा ने अपने परिवार बालो को बताया कि जब वह खेत पर काम करने जा रही थी तब गांव के कैलाश ने रास्ते में उसके साथ यौन शोषण किया....जिसके चलते में अपने आप को आग के हवाले कर रही हूं... वहीं गम्भीर हालत में पूजा ने झांसी के मेडिकल कॉलेज में आखिर कार देर रात दम तोड़ दिया...जिसके चलते पुलिस ने आनन फानन में कैलाश अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया है.....
बलात्कारों के राजा यूपी के सामने अब बारी फतेहपुर और औरैया की थी...ये वही औरैया है जिसका नाम एक बार पहले भी चर्चाओं में आ चुका है....और जिन पर आरोप है वो भी उसी चर्चा के हिस्से दार है...जी हां में बात कर रहा हूं औरैया से विधायक शेखर तिवारी की... शेखर तिवारी पर इस से पहल माया के लिये मुश्किलो खड़ी कर चुके है और अब एक ओर नयी मुसीबत पैदा करके शेखर ने लोगो को बता दिया है कि अभी बीएसपी के विधायको और उनके सहयोगियों की प्यास नहीं मिटी है....जिसका शिकार हुई है कंचौसी कसबे की एक नाबालिग लड़की....जिसने ये आरोप लगया है कि उसके साथ शेखर के मौसेरे भाई ने उसका यौन शोषण किया है... ये शोषण उस वक्त किया गया जब कॉलोनी में भागवत चल रही थी... शेखर के भाई कुलदीप पर आरोप है कि उसने प्रसाद के बहनेलड़की साथ बलात्कार किया है..वहीं उसके साथ केवल कुलदीप ने ही नहीं दो ओर युवकों ने बलात्कार किया है... जिसके चलते पुलिस ने आनन फानन में कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया... लेकिन ये जंगल राज यूपी में कब तक चलता रहेगा... ये जानना बहुत जरुरी है......
शायद माया और माया के कानून को ये सब देखने से दिल नहीं भरा... और वहीं जब तक अगली बारदात फतेहपुर में जन्म ले चुकी थी... ये वारदात सभी बलात्कारों से आलग थी.... इसमें जो यौन शोषण हुआ है... वो तो लोगो को दिल को दहलाने जैसा था.....बलात्कार के बाद लड़की के हाथ पैर काट दिये... जिसे देखकर युवती को कानपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया.....वहीं पुलिस ने अरेपियों को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन पहल अनोखा कदम के जहन में कई सवाल है जिसका जबाब मायावती से प्रदेश की हर जनता मांग रही है... कि मायावती स्वयं एक महिला है... और उनके राज में ये क्या हो रहा है... वहीं साल की शुरुवात से अब तक करीब 30 केस सामने आ चुके तो क्या कर रही है सरकार.... कहां है प्रदेश की कानून व्यवस्था ? ये सारे सवाल जनता पूछ रही है कि माया सरकार में आखिर कार कब तक ये सब सहना होगा.....वहीं इस पूरे मामले में महिला आयोग की अध्यक्षा गिरिजा व्यास ने कहा है कि उत्तर प्रदेश महिलाओँ के साथ बहुत गलत हो रह है वहीं वो इन मामलों की पीड़ित महिलाओं से मिलने भी जायेंगी... इस पूरे मामले में विपक्ष भी सरकर को घेरने से पीछे नहीं हटा है.. विपक्ष का कहना है कि यूपी में अब जंगल राज है आखिर कार ये सारे कष्ट यूपी में महिलाओं को कब तक सहना होगा और आखिर कार कब माया सरकार की नींद खुलेगी.....
उत्तर प्रदेश में बलात्कार के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे है...इससे पहले फरवरी अंक में भी यूपी में हुए बलात्कारों की जानकारी आप को पहल ने दी थी ....और वहीं अब बांदा बलात्कार के मामले के बाद भी बलात्कारियो के होसले बढ़ने लगेहै... क्योंकि यूपी की पुलिस इसे रोकने में नाकम है... और भला नाकाम क्यों न हो... क्योंकि जिनके नाम आते है कहीं नकही उनके तार यबपी सरकार के दिग्गज नेताओं से जुड़े होते है...बांदा के बाद अब झांसी , फतेहपुर , रायबरेली, गाजियाबाद और औरैया का नाम सामने आया है...वहीं बांदा में भी एक और नाया मामला देखने को मिला है....बांदा में शीलू मामले से सबक न लेने के बाद एक बार फिर माया की मुसीबतों को बढ़ने का काम किया है बांदा से बीएसपी नेता भैरो प्रसाद मिश्रा ने जिन पर गीता (काल्पनिक नाम) ने ये आरोप लगया है कि उसको मिश्रा जी के कहने पर पुलिस ने एक बच्चे के अपहरण में जेल भेजा गया था...जिसके बाद गांव के कुछ दबंगो ने चौकी प्रभारी के सामने उसके साथ यौन शोषण भी किया.. जिसके चलते बीएसपी नेता ने उन लोगो सजा दिलान जगह उन्हें बचाने का काम किया था...वहीं अब बांदा जहां बीएसपी मुखिया की गले की फंस बना हुआ है तो वहीं अब यूपी के झांसी में भी एक 23 साल की लड़की के साथ बलात्कार का मामला सामाने आया है.....झांसी के मऊरानीपुर तहसील के टकटौली गंव में एक 23 साल की लड़की पूजा (काल्पनिक नाम) के साथ उसी के गांव रहने वाले कैलाश अहिरवार ने उसके साथ बलात्कार किया है.. यह बात जब पूजा ने अपने परिवार बालो को बताया कि जब वह खेत पर काम करने जा रही थी तब गांव के कैलाश ने रास्ते में उसके साथ यौन शोषण किया....जिसके चलते में अपने आप को आग के हवाले कर रही हूं... वहीं गम्भीर हालत में पूजा ने झांसी के मेडिकल कॉलेज में आखिर कार देर रात दम तोड़ दिया...जिसके चलते पुलिस ने आनन फानन में कैलाश अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया है.....
बलात्कारों के राजा यूपी के सामने अब बारी फतेहपुर और औरैया की थी...ये वही औरैया है जिसका नाम एक बार पहले भी चर्चाओं में आ चुका है....और जिन पर आरोप है वो भी उसी चर्चा के हिस्से दार है...जी हां में बात कर रहा हूं औरैया से विधायक शेखर तिवारी की... शेखर तिवारी पर इस से पहल माया के लिये मुश्किलो खड़ी कर चुके है और अब एक ओर नयी मुसीबत पैदा करके शेखर ने लोगो को बता दिया है कि अभी बीएसपी के विधायको और उनके सहयोगियों की प्यास नहीं मिटी है....जिसका शिकार हुई है कंचौसी कसबे की एक नाबालिग लड़की....जिसने ये आरोप लगया है कि उसके साथ शेखर के मौसेरे भाई ने उसका यौन शोषण किया है... ये शोषण उस वक्त किया गया जब कॉलोनी में भागवत चल रही थी... शेखर के भाई कुलदीप पर आरोप है कि उसने प्रसाद के बहनेलड़की साथ बलात्कार किया है..वहीं उसके साथ केवल कुलदीप ने ही नहीं दो ओर युवकों ने बलात्कार किया है... जिसके चलते पुलिस ने आनन फानन में कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया... लेकिन ये जंगल राज यूपी में कब तक चलता रहेगा... ये जानना बहुत जरुरी है......
शायद माया और माया के कानून को ये सब देखने से दिल नहीं भरा... और वहीं जब तक अगली बारदात फतेहपुर में जन्म ले चुकी थी... ये वारदात सभी बलात्कारों से आलग थी.... इसमें जो यौन शोषण हुआ है... वो तो लोगो को दिल को दहलाने जैसा था.....बलात्कार के बाद लड़की के हाथ पैर काट दिये... जिसे देखकर युवती को कानपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया.....वहीं पुलिस ने अरेपियों को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन पहल अनोखा कदम के जहन में कई सवाल है जिसका जबाब मायावती से प्रदेश की हर जनता मांग रही है... कि मायावती स्वयं एक महिला है... और उनके राज में ये क्या हो रहा है... वहीं साल की शुरुवात से अब तक करीब 30 केस सामने आ चुके तो क्या कर रही है सरकार.... कहां है प्रदेश की कानून व्यवस्था ? ये सारे सवाल जनता पूछ रही है कि माया सरकार में आखिर कार कब तक ये सब सहना होगा.....वहीं इस पूरे मामले में महिला आयोग की अध्यक्षा गिरिजा व्यास ने कहा है कि उत्तर प्रदेश महिलाओँ के साथ बहुत गलत हो रह है वहीं वो इन मामलों की पीड़ित महिलाओं से मिलने भी जायेंगी... इस पूरे मामले में विपक्ष भी सरकर को घेरने से पीछे नहीं हटा है.. विपक्ष का कहना है कि यूपी में अब जंगल राज है आखिर कार ये सारे कष्ट यूपी में महिलाओं को कब तक सहना होगा और आखिर कार कब माया सरकार की नींद खुलेगी.....
कौन है कितना सुन्दर ?
उत्तर प्रदेश की सियासी राजनीति तो आपने जरुर देखी होगी…. लेकिन इस राजनीति पर अब कुछ खास नजर रखाना जरुरी है क्योंकि अब ये राजनीति वोट बैंक और विकास के वादों की नहीं बल्की खूबसूरती की हो गयी है...उत्तर प्रदेश में 2012 में विधान सभा चुनाव होना है और वहीं अब लोगो को लुभाने के लिये एक नया तीर चलाया गया है..
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव को तो आपने बीएसपी मुखिया सुश्री मायावती पर कड़े से कड़े तीर छोड़ते हुए तो मंचों पर सुना होगा...लेकिन जब कोई कुछ खास अंदाज में मायावती पर निशाना साधे तो फिर क्या कहना ? ... मुलायम सिंह तो मायावती के जानी दुश्मनों में से एक है जो एक दूसरे को देखते ही भड़क उठते है.... वहीं जब बात रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया की हो तो मायावती कभी भी उन्हे अपनी आंखों के सामने नहीं देख सकती है..... लेकिन जब पत्रकारों के सवाल की बात आये तो कोई कैसे चुप रह सकता है.... लखनऊ में विधान सभा सत्र से एक दिन पहले प्रेस कॉफ्रेस में मुलायम ने राजा भइया की जगह पत्रकार के सवाल पर अपनी ही खूबसूरती को दिखा दिया कि हम उनसे ज्यादा खूबसूरत है... पत्रकार ने जब मुलायम सिंह से पूछा कि अपराधियों के चुनाव लड़ने के बारे में उनकी और मायावती की राय एक जैसी क्यों है.... तो मुलायम ने ये जबाब दे कर लोगो का मुह बंद कर दिया है.....लेकिन जब ये बात मुलायम ने कही तो उस समय मुलायम का चेहरा देखने काबिल था.....लेकिन बार बार इस बात को ध्यान करते वक्त मुझे ये ही याद आता है कि क्या मुलायम को अब माया के सामने अपनी खूबसूरती दिखानी होगी या फिर अपना दमखम ....लेकिन मुलायम सिंह तो समाजवादी नेता है वे कैसे खूबसूरती की बात कर सकते है.....और समाजवाद तो महिलाओं का आदर करता है.... तो क्या इस बार मुलायम सिंह को ब्यूटी प्लार जाकर खूबसूरत होना होगा या फिर ब्यूटी टिप्स लेनी होगा अपने चेहरे निखार लाने के लिये......वैसे मुलायम तो दिखते ही सुन्दर हैं.... उन्हे किसी से टिप्स लेना की जरुरत ही कहां है वे तो दूसरों को टिप्स दिया करते है...
लेकिन चुनाव में तो यूपी में कई पार्टियां हिस्सा लेती है फिर किस किस को मुलायम की तरह सुन्दर देखना होगा....और कितनी ब्यूटी टिप्स लेनी होगी..... वहीं यदि और बड़ी पार्टियों की बात करें तो बीजेपी और कांग्रेस के सामने तो यह सवाल बहुत बड़ा होगा....कि उनकी पार्टी को ऐसा कौन सा चेहरा सामने लाना होगा कि उसे वह सुन्दर बता सके......और मैदान में बाजी मार सके ताकि यूपी पर उनका कब्जा हो सके.....यदि हम माया और मुलायम की सुन्दरता के सामने युवाओं की सुन्दरता की बात करते है तो मुलायम के सामने तो विकल्प है लेकिन माया का क्या होगा...वहीं सभी पार्टियों के पास भी सुन्दर युवा चेहरे तो है लेकिन कोई बड़ा नेता सुन्दर नही है जिसे वो मुलायम और माया की सुन्दरता के बीच खड़ा कर सके.....
वहीं पहल अनोखा कदम इस सुन्दरता पर कई सवाल खड़े करने जा रहा है कि क्या अब यूपी के नेताओं को चुनाव जीतने के लिये कैट वोक करना होगा....या फिर चुनाव में रैलियों से पहले ब्यूटी पार्लर जा कर नोताओ को खूब सूरत होना होगा.... या फिर विकास की जगह सुन्दरता ही नया एजेंडा होगा.....ये सारे सवालों का जबाब कौन देगा ? जो पहल ने मुलायम के इस सुन्दर तीर से छोड़े है.... क्या मुलायम सिंह को इस बार यूपी चुनाव में जनता से खतरा लग रहा है जो सुन्दरता की बातों से लोगो को लुभआने की सोच रहे है..... इस फैशन के दौर में पहल अनोख कदम तो यही है कि क्या इस बार यूपी में होने वाले 2012 के चुनावी एजेंडा में क्या सुन्दरता ही काम आयेगी या फिर प्रदेश का विकास..... ये तो वक्त आने पर जनता ही बतायेगी..... कि सुन्दरता लोगो को कितना लुभाती है.....या फिर उनका विकास लोगो को लुभाता है.... वहीं मुलायम के इस बयान पर विपक्ष ने चुटकी लेते हुए कहा है कि वो खुद तो कितने सुन्दर है ये तो सबको पता है और ये जनाता भी जानती है...इस सुन्दरता की प्रतियोगिता में अब कैटरीना, एशोरया, हेमामालनी, के बाद लोगो को अब मुलायम, माया, रीता, सूर्य प्रताप शाही में से किसी को तलाशना होगा तभी तो इस प्रतियोगिता में कोई विजय होगा......
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव को तो आपने बीएसपी मुखिया सुश्री मायावती पर कड़े से कड़े तीर छोड़ते हुए तो मंचों पर सुना होगा...लेकिन जब कोई कुछ खास अंदाज में मायावती पर निशाना साधे तो फिर क्या कहना ? ... मुलायम सिंह तो मायावती के जानी दुश्मनों में से एक है जो एक दूसरे को देखते ही भड़क उठते है.... वहीं जब बात रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया की हो तो मायावती कभी भी उन्हे अपनी आंखों के सामने नहीं देख सकती है..... लेकिन जब पत्रकारों के सवाल की बात आये तो कोई कैसे चुप रह सकता है.... लखनऊ में विधान सभा सत्र से एक दिन पहले प्रेस कॉफ्रेस में मुलायम ने राजा भइया की जगह पत्रकार के सवाल पर अपनी ही खूबसूरती को दिखा दिया कि हम उनसे ज्यादा खूबसूरत है... पत्रकार ने जब मुलायम सिंह से पूछा कि अपराधियों के चुनाव लड़ने के बारे में उनकी और मायावती की राय एक जैसी क्यों है.... तो मुलायम ने ये जबाब दे कर लोगो का मुह बंद कर दिया है.....लेकिन जब ये बात मुलायम ने कही तो उस समय मुलायम का चेहरा देखने काबिल था.....लेकिन बार बार इस बात को ध्यान करते वक्त मुझे ये ही याद आता है कि क्या मुलायम को अब माया के सामने अपनी खूबसूरती दिखानी होगी या फिर अपना दमखम ....लेकिन मुलायम सिंह तो समाजवादी नेता है वे कैसे खूबसूरती की बात कर सकते है.....और समाजवाद तो महिलाओं का आदर करता है.... तो क्या इस बार मुलायम सिंह को ब्यूटी प्लार जाकर खूबसूरत होना होगा या फिर ब्यूटी टिप्स लेनी होगा अपने चेहरे निखार लाने के लिये......वैसे मुलायम तो दिखते ही सुन्दर हैं.... उन्हे किसी से टिप्स लेना की जरुरत ही कहां है वे तो दूसरों को टिप्स दिया करते है...
लेकिन चुनाव में तो यूपी में कई पार्टियां हिस्सा लेती है फिर किस किस को मुलायम की तरह सुन्दर देखना होगा....और कितनी ब्यूटी टिप्स लेनी होगी..... वहीं यदि और बड़ी पार्टियों की बात करें तो बीजेपी और कांग्रेस के सामने तो यह सवाल बहुत बड़ा होगा....कि उनकी पार्टी को ऐसा कौन सा चेहरा सामने लाना होगा कि उसे वह सुन्दर बता सके......और मैदान में बाजी मार सके ताकि यूपी पर उनका कब्जा हो सके.....यदि हम माया और मुलायम की सुन्दरता के सामने युवाओं की सुन्दरता की बात करते है तो मुलायम के सामने तो विकल्प है लेकिन माया का क्या होगा...वहीं सभी पार्टियों के पास भी सुन्दर युवा चेहरे तो है लेकिन कोई बड़ा नेता सुन्दर नही है जिसे वो मुलायम और माया की सुन्दरता के बीच खड़ा कर सके.....
वहीं पहल अनोखा कदम इस सुन्दरता पर कई सवाल खड़े करने जा रहा है कि क्या अब यूपी के नेताओं को चुनाव जीतने के लिये कैट वोक करना होगा....या फिर चुनाव में रैलियों से पहले ब्यूटी पार्लर जा कर नोताओ को खूब सूरत होना होगा.... या फिर विकास की जगह सुन्दरता ही नया एजेंडा होगा.....ये सारे सवालों का जबाब कौन देगा ? जो पहल ने मुलायम के इस सुन्दर तीर से छोड़े है.... क्या मुलायम सिंह को इस बार यूपी चुनाव में जनता से खतरा लग रहा है जो सुन्दरता की बातों से लोगो को लुभआने की सोच रहे है..... इस फैशन के दौर में पहल अनोख कदम तो यही है कि क्या इस बार यूपी में होने वाले 2012 के चुनावी एजेंडा में क्या सुन्दरता ही काम आयेगी या फिर प्रदेश का विकास..... ये तो वक्त आने पर जनता ही बतायेगी..... कि सुन्दरता लोगो को कितना लुभाती है.....या फिर उनका विकास लोगो को लुभाता है.... वहीं मुलायम के इस बयान पर विपक्ष ने चुटकी लेते हुए कहा है कि वो खुद तो कितने सुन्दर है ये तो सबको पता है और ये जनाता भी जानती है...इस सुन्दरता की प्रतियोगिता में अब कैटरीना, एशोरया, हेमामालनी, के बाद लोगो को अब मुलायम, माया, रीता, सूर्य प्रताप शाही में से किसी को तलाशना होगा तभी तो इस प्रतियोगिता में कोई विजय होगा......
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