
21 फरवरी से शुरू होने वाले संसद के बजट सत्र को लेकर राजनीतिक गलियारो में काफी हलचल है...ये इस बात का संकेत है कि आने वाला बजट सत्र काफी हंगामेदार होने वाला है....एक ओर विपक्ष 2-जी स्पेक्ट्रम मामले में जेपीसी की मांग पर अड़ा है तो दूसरी ओर सरकार विपक्ष को मनाने में पूरी तरह विफल रही है....ऐसे में ये सवाल लाजिमी है कि क्या संसद का बजट सत्र सुचारू रूप से चल पाएगा या फिर संसद के शीतकालीन सत्र की तरह जेपीसी के गतिरोध की भेंट चढ़ जाएगा..... जाहिर है घोटालों और महाघोटालों से घिरी सरकार के पास विपक्ष की मांग का कोई जवाब नहीं....मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में जेपीसी पर किसी भी तरह की कोई चर्चा नही हुई है.... लेकिन इस बैठक में कोई भी ऐसा नतीजा नही निकल पाया जिससे रूठे विपक्ष को मनाया जा सके.... हालांकि सूत्रो की खबर है कि बजट सत्र से पहले सरकार टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले पर जेपीसी जांच का ऐलान कर देगी..... और जेपीसी जांच का नियंत्रन अपने पास ही रखेगी.... उधर विपक्ष ने भी सरकार से साफ कर दिया है कि जबतक जेपीसी का गठन नही हो जाता सरकार का विरोध जारी रहेगा.... जाहिर है फिलहाल सभी कार्ड विपक्ष के पास है....और सरकार के पास ऐसा कुछ नही जिसे दिखाकर वो पिपक्ष को मनाए.... बहरहाल अब तो ये आने वाला समय ही बताएगा की विपक्ष को खुश करने के लिए सरकार जेपीसी का गठन करती है या फिर शीत कालीन सत्र की तरह बजट सत्र को भी विपक्ष को भेंट चढ़ा देती है…..
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